क्या मकान मालिक लिव-इन कपल को घर देने से कर सकता है इनकार? जानिए क्या कहता है कानून
भारत में लिव-इन रिलेशनशिप कानूनी रूप से मान्य है, लेकिन मकान मालिकों को अविवाहित जोड़ों को घर किराए पर देने के लिए बाध्य करने वाला कोई राष्ट्रीय कानून नहीं है. हालांकि, एक बार रेंट एग्रीमेंट होने के बाद मकान मालिक मनमाने तरीके से किरायेदार को नहीं निकाल सकता. ऐसे मामलों में लिखित एग्रीमेंट और कानूनी दस्तावेज सबसे बड़ी सुरक्षा माने जाते हैं.
Rental Law India: भारत में लिव-इन रिलेशनशिप को कानून मान्यता देता है, लेकिन समाज में इसे लेकर अब भी अलग-अलग राय देखने को मिलती है. यही वजह है कि कई अविवाहित (अनमैरिड) जोड़ों को किराए पर घर ढूंढने में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि क्या कोई मकान मालिक लिव-इन कपल को घर देने से मना कर सकता है? आइए जानते हैं कानून इस बारे में क्या कहता है.
लिव-इन रिलेशनशिप भारत में पूरी तरह कानूनी
सुप्रीम कोर्ट कई फैसलों में साफ कर चुका है कि दो बालिग लोगों का अपनी इच्छा से साथ रहना पूरी तरह वैध है. यह संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है. यानी यदि दोनों वयस्क हैं और अपनी सहमति से साथ रहना चाहते हैं, तो कानून उन्हें इसकी अनुमति देता है.
क्या मकान मालिक किराए पर घर देने से मना कर सकता है?
हालांकि, भारत में ऐसा कोई राष्ट्रीय कानून नहीं है जो मकान मालिक को केवल इस आधार पर घर देने से रोकता हो कि सामने वाला जोड़ा शादीशुदा नहीं है.
इसका मतलब है कि मकान मालिक अपनी व्यक्तिगत पसंद या सामाजिक कारणों के आधार पर किसी को किराए पर घर देने से इनकार कर सकता है, बशर्ते वह किसी अन्य लागू कानून का उल्लंघन न कर रहा हो.
रेंट एग्रीमेंट होने के बाद नहीं कर सकते मनमानी
यदि मकान मालिक और किरायेदार के बीच लिखित रेंट एग्रीमेंट हो चुका है, तो मकान मालिक मनमाने तरीके से किरायेदार को घर खाली करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता. लीज की अवधि या लॉक-इन पीरियड समाप्त होने से पहले बेदखल करने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है.
लिव-इन कपल क्या रखें सावधानियां?
विशेषज्ञों के अनुसार, लिव-इन कपल को किराए पर घर लेते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए—
रेंट एग्रीमेंट स्टाम्प पेपर पर लिखित रूप में जरूर कराएं. एग्रीमेंट में दोनों पार्टनर का नाम शामिल कराएं. किराए के भुगतान की रसीद या ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें.
जहां आवश्यक हो, पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं. यदि मकान खाली करने के लिए कहा जाए, तो मौखिक या व्हाट्सऐप संदेश की बजाय लिखित कानूनी नोटिस मांगें.
जबरन बेदखल करने की कोशिश हो तो क्या करें?
यदि कोई मकान मालिक जबरन घर खाली कराने या धमकाने की कोशिश करता है, तो ऐसी स्थिति में घटना के सबूत सुरक्षित रखें और तुरंत कानूनी सलाह लें. कानून किसी भी किरायेदार को बिना उचित प्रक्रिया अपनाए जबरन बेदखल करने की अनुमति नहीं देता.
समाज और कानून के बीच अब भी है दूरी
भले ही कानून लिव-इन रिलेशनशिप को मान्यता देता हो, लेकिन सामाजिक सोच अभी भी पूरी तरह नहीं बदली है. इसी कारण कई मकान मालिक और हाउसिंग सोसायटी आज भी अविवाहित जोड़ों को घर देने से हिचकिचाते हैं. ऐसे में कानूनी अधिकारों की जानकारी और मजबूत रेंट एग्रीमेंट ही लिव-इन कपल के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच साबित हो सकता है.










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